तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में ‘अलाई बलाय’ का आयोजन पूरे जोश के साथ किया गया. अलाई बलाय एक वार्षिक कार्यक्रम है जिसका आयोजन दशहरे के अगले दिन किया जाता है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य तेलंगाना की संस्कृति, परंपराओं और खान-पान को प्रदर्शित करना होता है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संदेश में ‘अलाई बलाय’ को भाईचारे को बढ़ावा देने वाला कार्यक्रम बताया.
नामपल्ली प्रदर्शनी मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमण, तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी, पूर्व राज्यपाल विद्यासागर राव, ऑपरेशन सिंदूर में भाग लेने वाले मेजर जनरल अजय मिश्रा, तेलंगाना के मंत्री कोमाटीरेड्डी वेंकट रेड्डी, भाकपा नेता नारायण, फिल्म अभिनेता नागार्जुन और ब्रह्मानंदम शामिल हुए. हरियाणा के पूर्व राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने सभी का स्वागत किया.

कार्यक्रम में बोलते हुए, पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि भाषाई मतभेदों के बावजूद, हम सभी भारतीय हैं, इस भावना के साथ आगे बढ़ रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि अलाई बलाई का उद्देश्य सभी को एक साथ लाना है. उन्होंने 20 वर्षों से इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए बंडारू दत्तात्रेय उनकी पुत्री विजयलक्ष्मी की सराहना की.
सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एनवी रमना ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से लोग हमारी संस्कृति और परंपराओं को जान पाएंगे. उन्होंने कहा कि यह सभी को एक साथ लाने और एकता लाने में उपयोगी होगा. केंद्रीय मंत्री किशन रेड्डी ने प्रधानमंत्री मोदी के जीएसटी सुधारों पर बात की और कहा कि जीएसटी में कटौती करके प्रधानमंत्री ने इस त्योहारी सीजन में लोगों को एक तोहफा दिया है.

अभिनेता नागार्जुन ने कहा कि वह इस कार्यक्रम में पहली बार शामिल हुए हैं. उन्होंने इस अवसर पर दत्तात्रेय का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “यह कार्यक्रम 2005 से आयोजित किया जा रहा है. राजनीति से परे इस कार्यक्रम का आयोजन करना अच्छा है. मैं दत्तात्रेय से हमेशा से परिचित रहा हूं और मुझे इसमें आमंत्रित किए जाने पर बहुत खुशी है.”
प्रख्यात हास्य कलाकार ब्रह्मानंदम ने कहा, “अलाई बलाय का अर्थ है एक-दूसरे को दिल से गले लगाना और प्यार बांटना. वर्तमान स्थिति में जहां शांति और प्रेम की कमी है, ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन और एक-दूसरे का सम्मान करना आवश्यक है.” कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों को तेलंगाना की विशेष भोजन परोसी गईं, जिनमें सर्वपिंडी, बगारा चावल, मटन करी, बोटी करी आदि शामिल थी.
