तेलंगाना के जगित्याल जिले में गणेश चंदा देने से मना करने पर चार परिवारों को उनकी जाति से निष्कासित किए जाने का मामला सामने आया है.
बताया जाता है कि जगित्याल ग्रामीण मंडल के कल्लेडा गांव में यह घटना घटी. इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. मामले में दो दिन पहले गांव में एक नोटिस जारी कर अन्य लोगों को चारों परिवारों से बातचीत नहीं करने की चेतावनी दी गई थी.
इसमें कहा गया था कि किसी भी उल्लंघन पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा. नोटिस में आगे कहा गया था कि इसे नहीं मानने पर दुबई सहित विदेश में रहने वाले परिवार के किसी भी सदस्य को जाति से निष्कासित कर दिया जाएगा.
इसीक्रम में जगित्याल ग्रामीण पुलिस को दप्पू चंदा के दृश्य दिखाने वाले वीडियो मंगलवार को सौंपे गए
हालांकि, पुलिस को तुरंत कार्रवाई नहीं करने पर कड़ी आलोचना का भी सामना करना पड़ा. वहीं पीड़ितों ने बुधवार को पुलिस से संपर्क किया, लेकिन देर रात तक मामला दर्ज नहीं किया गया. जब मामला एसपी अशोक कुमार, डीएसपी रघु चंद्र और सीआई सुधाकर के संज्ञान में आया तो इसे गंभीरता से लिया गया.
पीड़ित परिवारों, गलीपेल्ली अरुण और अंजी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने गलीपेल्ली के राजेंद्र, अशोक, अंजय्या, महेश, नरसय्या, गणेश और गांव के 10 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. एसआई सुधाकर ने बताया कि उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
इस बीच, गलीपेल्ली राजेंद्र द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर अरुण और अंजी के खिलाफ एक और मामला भी दर्ज किया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई थी.पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जाएगी तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी.
