हैदराबाद: भारत राष्ट्र समिति (BRS) नेता और एमएलसी के कविता ने विधान परिषद और भारत पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने तेलंगाना जागृति कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी नेतृत्व और अपने निलंबन के पीछे की कथित साजिशों पर कई कड़े बयान दिए. कविता ने कहा कि पद खोने का मतलब रिश्ते खोना नहीं है.
उन्होंने कहा, “हमारा रिश्ता ऐसा नहीं है जिसे निलंबित करने से तोड़ा जा सके, लेकिन पार्टी में कुछ लोग निजी स्वार्थ से प्रेरित हैं. वे चाहते हैं कि हमारा परिवार दुखी और बिखरा रहे. उनका मानना है कि वे सत्ता में तभी आ सकते हैं, जब हमारा परिवार विभाजित हो जाए. इसी योजना के तहत मुझे पार्टी से बाहर कर दिया गया.”
उन्होंने अपने पिता बीआरएस अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव (KCR) से अपील की कि वे अपने आसपास चल रही साजिशों पर ध्यान से नजर रखें. कविता ने आरोप लगाया, “मुझे सिर्फ इसलिए निष्कासित कर दिया गया क्योंकि मैं खुलकर बोलती हूं. भविष्य में केटीआर के लिए भी यही खतरा है. मुझे बीआरएस पर कब्ज़ा करने की साजिश के तहत बाहर कर दिया गया.”
कविता ने यह भी बताया कि वित्त मंत्री हरीश राव और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के साथ यात्रा करने पर साजिशें शुरू हुईं. उन्होंने कहा, “क्या दोनों एक ही विमान में यात्रा कर रहे थे या नहीं? इसका जवाब दीजिए. साजिशें इसलिए रची जा रही हैं, क्योंकि हमारा परिवार रेवंत रेड्डी के खिलाफ लड़ रहा है, लेकिन हरीश राव का मामला सिर्फ़ एक-दो दिन सुर्खियां बनेगा और फिर गायब हो जाएगा.”
उन्होंने हरीश राव के दूध व्यवसाय पर लगे पहले के आरोपों को याद किया, जो कुछ ही दिनों में वापस ले लिए गए थे. उन्होंने सवाल किया, “जब मेरे खिलाफ भी इसी तरह के आरोप लगाए गए थे, तो मेरे पार्टी कार्यालय ने मुझे बताया था कि मेरे खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अगर मैं कहती हूं कि साजिशें हैं, तो केटीआर जवाब तक नहीं देते. अगर पार्टी एमएलसी कहते हैं कि साज़िशें हैं, तो क्या नेतृत्व को चुप रहना चाहिए?”
कविता ने 23 नवंबर 2024 से सार्वजनिक जीवन में अपनी व्यापक भागीदारी पर प्रकाश डाला. उन्होंने बताया कि उन्होंने 47 निर्वाचन क्षेत्रों में जन मुद्दों पर बात की, गुरुकुलों की समस्याओं को उठाया, 42 प्रतिशत पिछड़े वर्गों के आरक्षण के लिए संघर्ष किया, महिलाओं को 2,500 रुपये की सहायता के वादे पर पोस्टकार्ड आंदोलन चलाया और बुजुर्गों के लिए पेंशन में वृद्धि की मांग की. उन्होंने तेलंगाना परियोजनाओं, भद्राचलम के बाढ़ग्रस्त गाँवों, तेलंगाना थल्ली में बदलावों और महबूबनगर में भूमिहीनों की दुर्दशा पर गोलमेज बैठकों का भी जिक्र किया.
कविता ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि निलंबन नोटिस मिलने के बाद महिला नेताओं ने अपनी आवाज उठाई. उन्होंने कहा, “मुझे निलंबित किया जाए या नहीं, इससे कोई फर्क़ नहीं पड़ता. मुझे खुशी है कि महिलाएं अपनी आवाज उठा रही हैं. मैं चाहती थी कि मेरे कारण ही ऐसा आंतरिक लोकतंत्र स्थापित हो.”
‘मैं तेलंगाना के लिए प्रतिबद्ध रही हूं’
उन्होंने कहा, “उन्होंने मुझ पर पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप लगाया, जबकि मैंने बीआरएस का झंडा पहना था और जनहित के मुद्दों पर बात की थी. मेरे खिलाफ झूठ फैलाया गया और कुछ नेताओं ने मेरे खिलाफ कड़ा प्रचार किया, लेकिन मैं हमेशा से सामाजिक तेलंगाना के लिए प्रतिबद्ध रही हूं.”
कविता ने संतोष राव और हरीश राव नेताओं पर तीखा हमला बोला और उनके समूहों को जोंक बताया, जिन्होंने पार्टी को अंदर से कमजोर किया है. कविता ने आरोप लगाया कि संतोष और हरीश दोनों ही उनके और उनके परिवार के खिलाफ साज़िशों के केंद्र में रहे हैं.
उन्होंने कहा, “संतोष राव करी में नमक की तरह हैं. क्या रेवंत रेड्डी और हरीश राव एक ही फ़्लाइट में सफर करते थे या नहीं? यह स्पष्ट किया जाना चाहिए. क्या हरीश राव ने कभी रेवंत रेड्डी के आगे घुटने टेके थे? ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब जनता को मिलना चाहिए.”
अपने राजनीतिक सफर को याद करते हुए उन्होंने कहा, “तेलंगाना आंदोलन के दौरान 27 साल की उम्र में मैंने राजनीति में प्रवेश किया. मैंने तेलंगाना के स्वाभिमान के लिए काम किया और उस स्वाभिमान का प्रतीक बन गई. सभी जानते हैं कि मैंने तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के लिए कितना कुछ किया है. क्या सिर्फ़ हरीश और संतोष ने ही काम किया? क्या मेरा कोई योगदान नहीं था?”
